हेमंत सोरेन की ललकार hemant soren’s chailenj 2024

hemant soren’s chailenj ब्राह्मणवादी व्यवस्था कितना निर्दयी है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को
सुधीर चौधरी जैसे गंदे और वाहियात तथा निरंकुश पत्रकार अपने
चैनल पर उन्हें कह रहा है कि अब ये आदिवासी लोग भी बीएमडब्ल्यू कार में बैठने लगे हैं। प्राईवेट हवाईजहाज में बैठने
लगे हैं। तरह तरह के आलीशान सुख भोग रहे हैं।

उसके कहने का मतलब है कि hemant soren’s chailenj

आदिवासी यानि एसटी, एससी, ओबीसी को जंगल
में ही रहना चाहिए। उन्हें पढ़ लिखकर साहब और मंत्री नहीं बनना चाहिए। पिछले एक दशक से सरकार यही कर रही है। एससी एसटी ओबीसी वर्ग को पाताल लोक में पहुंचाया जा रहा है। उनके हक हुकुक, शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी आरक्षण को मिट्टी में मिलाया जा रहा है।

माननीय हेमंत सोरेन ने hemant soren’s chailenj

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उन तमाम लालची, कपटी, महास्वार्थी पिछड़े और दलित नेताओं को आईना दिखाया है कि तुमने अपने व्यक्तिगत
स्वार्थ के लिए कैसे इतने बड़े समाज को बेच दिया है, गुलाम बना दिया है, निर्जीव बना दिया है। आर एस एस तथा कपटी बीजेपी की
गोद में बैठकर बहुजनों को कुचल दिया है।

ऐसे पिछड़े और दलित नेताओं को hemant soren’s chailenj

हेमंत सोरेन से सीख लेकर भाजपा की रस्सी से फांसी लगाने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपने
स्वाभिमान को जगाकर बहुजनों के साथ आने की जरूरत है। अरे पालतुओं तुम्हें कितना धन, ऐश्वर्य,सुख चाहिए। जिस दिन हमारी सारी जरूरतें पूरी हो जाती है उस दिन हम बिन प्राण के प्राणी हो जाते हैं यानि निष्क्रिय और लंठ, क्या तुम्हें यही बनना है।

अरे सोचो राजनीतिक लंठों hemant soren’s chailenj

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अगर बुद्ध, कबीर, रैदास, फुले, क्षत्रपति शाहू जी, अंबेडकर और तमाम ऐसे महामानव नहीं होते तो तुम कहीं चमड़ा छिल रहे होते,तुम कहीं दूध बेच रहे होते,तुम कहीं आलू बेच रहे होते,तुम कहीं हजामत बना रहे होते,तुम गाय, भैंस, भेंड़,बकरी,सुअर चरा रहे होते। अनाप, शनाप के पैसों से तुम्हारा पेट भर गया है इसलिए तुम कल का नहीं सोच रहे हो। चंद पैसों में अपने पुरखों के संघर्ष और बलिदान को बेच रहे हो।
अपने सामाजिक दायित्व को भूल गये हो, याद रखो यह संसार बहुत क्रूवेल है यानि इमानदार है तुम्हारे सारे कर्मों का हिसाब रखता है। अगर ऐसा नहीं होता तो कबका सबकुछ समाप्त हो जाता। hemant soren’s chailenj

अपने उन क्रांतिकारी पुरखों को याद करो

राजनीतिक पशुओं जिन्होंने अपने खून के एक एक कतरे से तुम्हें आजादी दिलाई
उस असह्य और दमघोंटू तथा प्राणलेऊ, बदबूदार, जघन्य अमानवीय सत्ता से निजात दिलाई जहां तुम मनुष्य नहीं सिर्फ और सिर्फ एक बदबूदार जानवर में बदल दिए गये थे। हराम के पैसे और इज्जत तुम्हें पुनः वहीं धकेल देगी जहां तुम 100 साल पहले थे।

अपने मुक्ति का मार्ग ढ़ूढ़ों।

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जैसे बाल्टी में बैठकर बाल्टी नहीं उठा सकते यानि वैसे ही अपने दुश्मनों की गोद में बैठकर मलाई और सत्ता सुख पाकर तुम कुछ नहीं कर सकते। रूपयों की गड्डियां तुम्हारे मुंह में ठूंस ठूंस कर तुम्हें आक्सीजन से वंचित किया जा रहा है यानि तुम्हें मौत के मुंह में ढ़केला जा रहा है। दुनिया के तमाम लोग भूखे पेट रहकर जो क्रांति कर दी वह पैसों से लदे लदेड़े नहीं कर पाए। यह तुम्हारा भ्रम है कि तुम्हारा बैंक बैलेंस तुम्हारी कई पीढ़ियों की रक्षा करेगा। अरे यह गलत तरीकों से इकट्ठा पैसा कूड़े कचरे और पेट्रोल का ढ़ेर है जिसे इक चिंगारी नष्ट कर देगी। hemant soren’s chailenj

हेमंत सोरेन से सीखो,

लालू प्रसाद यादव से सीखो, स्टालिन से सीखो राहुल गांधी से सीखो और भी दर्जनों लोग हैं सिखने के लिए
लेकिन मननुवादी, ब्राह्मणवादी, सामंतवादी चक्रव्यूह से बाहर आओ क्षणिक सुख के चक्कर में मत पड़ो वह कैंसर का रूप ले लेगा जिसका इलाज असंभव है। hemant soren’s chailenj

हेमंत सोरेन आपको नमस्कार जिस तरह आपने विधानसभा में मनुवादीयों को ललकारा उनके कुकर्मों को नेस्तनाबूत कर दिया।

धर्म में ऊंच नीच
ब्राह्मण के आगे सारे नीच

डा. परमानंद यादव, शास्त्रीय गायक, मुंबई
08/02/2024

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